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| High Blood Pressure |
हाल ही के
एक रिपोर्ट के
अनुसार भारत में
हाई ब्लड प्रेशर
की तादात काफी
बढ़ चुकी है
और राजधानी इसमें
सबसे शीर्ष पर
है.
आखिर यह है
क्या और इससे
हमें क्या-क्या
नुकसान हो सकता
है और साथ
ही साथ हमें
किन-किन चीजों
से दूर रहने
की जरुरत है
आज हम इसी
के बारे में
चर्चा करेंगे. दरअसल,
उच्च रक्तचाप हमारे
अंदर एक पलता-बढ़ता रहता
है और अंदर
ही अंदर ही
हमें कुढ़ता रहता
है. इस रोग
से पीड़ितों में
शरीर के दूसरे
अंगों पर भी
असर देखने को
मिलता है. इस
रोग से पीड़ित
की आँखें, उसकी
किडनी, उसका लिवर
और उसके शरीर
का पूरा इम्यून
सीस्टम बिगड़ जाता
है. तो आइये
पहले हम यह
जान लेते हैं
की इस रोग
के लक्षण क्या-क्या है
और जब यह
रोग धीरे-धीरे
हमारे ऊपर हावी
होने लगते हैं
तो हमारे अंदर
कैसे बदलाव आते
हैं.
आपलोग इस बात
को तो जानते
ही होंगे की
जब यह हावी
होने लगता है
तो व्यक्ति में
काफी चिड़चिड़ापन देखने
को मिलता है
लेकिन इसके अलावे
और भी कुछ
लक्षण हैं जो
आमतौर पर देखे
जाते हैं. हम यहाँ
केवल तीन लक्षणों
के बारे में
बात करेंगे जो
अधिकतर देखे जाते
हैं.
आंखों में ब्लड स्पॉट
मधुमेह या उच्च
रक्तचाप वाले लोगों
की आंखों में
रक्त के धब्बे
(सबकोंन्ग्नाक्टिवल रक्तस्राव)अधिक आम
हैं. लेकिन यह
एकमात्र कारण नहीं
है. मतलब कि
अगर आपकी किसी
जानकारी वाले इंसान
की आँखों में
बार-बार स्पॉट
नजर आने लगे
तो इसका कारण
केवल रक्तचाप ही
नहीं होता है.
लेकिन आप आई
स्पेशलिस्ट की मदद
से इसके बारे
में पता कर
सकते हैं लेकिन
अगर व्यक्ति की
उम्र 30 से
अधिक है तो
इस मामले में
ब्लड टेस्ट कारवां
जरुरी हो जाता
है.
चहरे पर तमतमाहट (गुस्सा)
चेहरे पर लालिमा
उस समय छा
जाती है जब
चेहरे में रक्त
वाहिकाएं फैल जाती
हैं। यह सूरज
के अधिक संपर्क
में रहने के
कारण, ठंड के
मौसम, मसालेदार भोजन,
हवा और स्किन
केयर प्रोडक्ट्स के
कारण भी हो
सकता है। लेकिन
अगर व्यक्ति के
अंदर चिड़चिड़ाहट और
आँखों में ब्लड
स्पॉट के साथ
साथ उसके चहरे
पर गुस्से का
भाव हमेशा झलकता
रहे तो आप
तुरंत उसका रक्तचाप
का टेस्ट करवाएं
और डॉक्टर से
संपर्क करें क्योंकि
इस रोग से
पीड़ित व्यक्ति की
तत्काल मृत्यु भी संभव
है.
चक्कर आना
हलाकि चक्कर आना कुछ
रक्तचाप की दवाओं
का एक साइड
इफेक्ट हो सकता
है, यह उच्च
रक्तचाप का एकमात्र
कारण नहीं है।
हालांकि, चक्कर आना नहीं
चाहिए, खासकर अगर शुरुआत
अचानक हो। अचानक
चक्कर आना स्ट्रोक
के सभी चेतावनी
संकेत हैं। यह
उच्च रक्तचाप स्ट्रोक
को बढ़ावा देने
वाला प्रमुख जोखिम
कारक है।
उच्च रक्तचाप के कारण
- उच्च रक्तचाप का सही कारण पता नहीं हैं। यह इन कारणों की वजह से हो सकता है जैसे :
- धूम्रपान
- अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना
- शारीरिक गतिविधि का अभाव होने से
- आहार में बहुत ज्यादा नमक लेने से
- जंक फूड के नियमित सेवन करने से
- बहुत ज्यादा शराब पीना (अधिक से अधिक प्रति दिन 1 से 2 पेय)
- तनाव
- बढ़ती उम्र
- आनुवंशिकी (जेनेटिक्स)
- उच्च रक्तचाप का पारिवारिक इतिहास
- गुर्दे की पुरानी बीमारी
- एड्रेनल और थायराइड विकार
किन-किन चीजों से दूर रहें
- मांस खाने से बचे.
- अंडो का सेवन न करें.
- ऐसे भोजन न करें जिनमे नमक की मात्रा अधिक हो.
- अधिक ऑयली फ़ूड खाने से बचें. मतलब रास्ते के तले हुए फ़ूड की तरफ तो देखना भी पाप है.
- जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड जैसे चाउमीन वगैरा न खाएं.
- आलसपन को दूर करें और रोजाना अपने शरीर को किसी एक्टीविटी में व्यस्त रखें.
- अपने वजन को बढ़ने न दें.
- ऐसे काम न करें जिनसे आपको स्ट्रेस हो.
- पान, खैनी या फिर गुटका और सिगरेट से खुद को दूर रखें.
- शराब न पिएँ. अगर आपको लत है और जीना है तो सिमित करें और धीरे-धीरे इसे छोड़ने की कोशिश करें.
आपका ब्लड प्रेशर इनमे से कौन सा है
- सामान्य: कम से कम 120-80 से अधिक (120/80)
- प्रीहाइपरटेंशन : 120-139 तक, ऊपर 80-89
- स्टेज 1 उच्च रक्तचाप: 140-159 तक , ऊपर 90-99
- स्टेज 2 उच्च रक्तचाप: 160 और 100 से ऊपर और उससे अधिक
- 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में उच्च रक्तचाप: 150 और 90 से ऊपर और अधिक
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