मच्छर एक छोटा सा कीट है, पर इस छोटे से कीट में आपको बहुत ज्यादा बीमार कर देने वाले अवगुण हैं। यह एक साथ कई बीमारियों को अंजाम दे सकता है। मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगु, येल्लो फीवर का यह भंडार है। एक सर्वे के अनुसार एक मादा मच्छर एक दिन में लगभग 500 अंडे देती है और आप इसी बात से यह कल्पना कर सकते हैं की इनसे होने वाली मृत्यु दर कितनी अधिक है। ऐसा अधिकतर देखा गया है की मच्छरों को खुद से दूर करने के लिए केमिकल लिक्विड वाले गुड नाइट या फिर मोटिन कोइल का इस्तेमाल किया जाता है। पर आप यह जान लें की इन केमिकलों का हमारे हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ता है। इससे हमारी श्वसन प्रणाली सीधे प्रभावित होती है और यह अस्थमा जैसे रोगों का कारण भी बन सकते हैं।
कोइल और लिक्विड क्यो हानिकारक हैं
दरअसल, मच्छरों को मरने के लिए ऑल आउट, गुड नाइट या मोटिन, चाहे वाल कोइल के रूप में हो या फिर लिक्विड के रूप में, दोनों तरीकों से हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इन कीटों का सफाया करने के लिए इसमे एथिलीन, फोस्टीन और मेलफ़ों नामक केमिकलों का इस्तेमाल किया जाता है। ये तीनों केमिकल मानव शरीर के लिए काफी खतरनाक हैं। यूरोपीय देशों में इन केमिकलों के उपयोग पर बैन लगा दिया गया है और यह लगभग 20 सालों से इन देशों में बैन है। इन केमिकलों में एक सुगंध होता है जिसमे धीमा जहर होता है और यह व्यक्ति के अंदर प्रवेश कर उनके फेफड़ों पर बुरा असर डालता है। एक कोइल से निकालने वाला धुआँ लगभग 100 सिगरेट के धुएँ के बराबर होता है। लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध में आजकल लोग अपने नवजात बच्चों के सामने भी ऐसी ही कोई कोइल या फिर लिक्विड जलाकर निश्चिंत हो जाते हैं।
उपाय क्या है
उपाय बिलकुल सरल और सहज है, आप प्रकृतिक तरीकों से अपने आप को और अपने बच्चों को मच्छरों से दूर रखें। यहाँ हम आपको इनसे बचने के प्रकृतिक उपाय बताने जा रहे हैं।
नीम का तेल
नीम एक नेचुरल जड़ी-बूटी है और यह इस मामले हमारी भरपूर मदद कर सकता है। मलेरिया जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार नीम के तेल में कम से कम तीन घंटों तक मच्छरों को दूर रकने की क्षमता होती है। इसके लिए आप नीम का तेल लें और और इसे किसी भी तेल में मिलाएँ। ध्यान रहे कि इसे आपको 1:4 के अनुपात में मिलना होगा। मतलब 1 भाग नीम का तेल और 4 भाग साधारण कोई भी तेल। इन दोनों का एक मिश्रण तैयार कर लें और बाहर जाने से पहले अपने बच्चों के शरीर पर इसे लगा दें।
पुदीने का तेल
पुदीना केवल मच्छर ही नहीं बल्कि यह, सभी प्रकार के कीड़े-मकौड़ों से हमारी रक्षा करता है। यह भी एक प्रकृतिक जड़ी-बूटी ही है। जर्नल ऑफ ट्रोपिकल बायोमेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार मच्छरों को पुदीने की खुशबू बिलकुल भी पसंद नहीं है और इस कारण वह इस तेल के गंध के आस-पास नहीं आते हैं। आप पाने बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजने से पहले उनके शरीर पर इसे लगा सकते हैं। आप खुद भी इसका उपयोग बेझिझक कर सकते हैं।
दालचीनी
यह भी मच्छरों को रोकने एक बहुत ही अच्छा विकल्प (ऑप्शन) है। इसमे मच्छरों को दूर भगाने और उनके अंडों को नष्ट करने का गुण होता है। इसके लिए आप एक कप पानी लीजिए और पानी का एक चौथाई हिस्सा दालचीनी पाउडर या फिर तेल लीजिए। इन्हे अच्छी तरह से मिला दीजिए। इसके बाद आप इसे अपने अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसे एक बोतल में भरकर घर के कोनो या जमे पानी में छिड़क सकते हैं। या फिर इसे अपने घर में स्प्रे कर सकते हैं। साथ ही साथ आप मच्छर के काटने वाले जगह पर इस मिश्रण को रगड़कर इसका जलन भी कम कर सकते हैं।
इसके अलावे और भी कई तरीके हैं जैसे की नीलगिरी का तेल, लैवेंडर, अजवायन का फूल, एप्पल विनिगर। लेकिन यह सारी चीजें साधारणतया आपकी किचन में बहुत कम मिलती हैं इसलिए आप इन तीन उपायों पर ही ध्यान दें। आप इन तीनों में से किसी एक का भी इस्तेमाल करके मच्छरों के प्रकोप से बच सकते हैं।
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